PM KISAN SAMMAN NIDHI YOJANA 2026//PM किसान सम्मान निधि योजना 2026 अब तक 4.47 लाख करोड़ रुपये पहुंचे किसानों के खाते में, जानें 2026 की हर बड़ी अपडेट

Shubham patel

नमस्कार दोस्तों किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के मकसद से शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना अब दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) पहलों में से एक बन चुकी है। साल 2026 में इस योजना ने कई अहम पड़ाव पार किए हैं। अगर आप भी इस योजना का लाभ लेते हैं या लेना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है।

2026 में अब तक क्या हुआ?

साल 2026 की शुरुआत में ही किसानों को बड़ी सौगात मिली। 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना की 22वीं किस्त जारी की। इस किस्त में करीब 9.32 करोड़ किसानों को 18,640 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंची। इनमें 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान भी शामिल थीं ।

इसके कुछ महीने बाद 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली से 23वीं किस्त जारी की गई। इस बार 9.44 करोड़ किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये पहुंचे। 23वीं किस्त में 2.18 करोड़ महिला लाभार्थी थीं ।

योजना की शुरुआत से अब तक 23 किस्तों के जरिए किसानों के खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है ।

सरकार ने 2030 तक बढ़ाया योजना का दायरा

किसानों के लिए एक और बड़ी राहत की खबर है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM-KISAN योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस पांच साल की अवधि के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है । यानी अगले पांच साल तक किसानों को हर साल 6,000 रुपये मिलते रहेंगे।

योजना के तहत कितना पैसा मिलता है?

PM-KISAN योजना के तहत हर पात्र किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में हर चार महीने पर सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में कोई बिचौलिया नहीं होता, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है ।

किसे मिलता है लाभ और कौन है अपात्र?

पात्रता की शर्तें

योजना का लाभ उन सभी भूमिधारक किसान परिवारों को मिलता है जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन है। परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल हैं। जब योजना शुरू हुई थी तो इसमें सिर्फ 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले छोटे और सीमांत किसान शामिल थे, लेकिन बाद में इसे सभी भूमिधारक किसानों तक बढ़ा दिया गया, चाहे उनके पास कितनी भी जमीन हो ।

किन्हें नहीं मिलता लाभ?

कुछ श्रेणियों के लोग इस योजना के दायरे से बाहर हैं। इनमें शामिल हैं:

  1. संस्थागत भूमि धारक
  2. वर्तमान या पूर्व संवैधानिक पद धारक
  3. वर्तमान या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर
  4. केंद्र या राज्य सरकार के सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी (ग्रुप D को छोड़कर)
  5. 10,000 रुपये या उससे अधिक मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी
  6. आयकर दाता
  7. डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर

eKYC अनिवार्य है

अगर आपने अभी तक eKYC पूरा नहीं किया है, तो यह काम तुरंत कर लें। PM-KISAN योजना में eKYC अनिवार्य कर दिया गया है। बायोमेट्रिक आधारित eKYC की सुविधा CSC केंद्रों, PM-KISAN मोबाइल ऐप और राज्य के अधिकृत लॉगिन के जरिए उपलब्ध है। eKYC पूरा न होने पर किस्त रुक सकती है ।

अपनी स्थिति कैसे जांचें?

अगर आप यह देखना चाहते हैं कि आपकी किस्त आई है या नहीं, तो PM-KISAN पोर्टल पर जाकर आसानी से पता लगा सकते हैं। इसके लिए:

  1. आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं
  2. “Know Your Status” या “Beneficiary Status” विकल्प पर क्लिक करें
  3. अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें
  4. OTP वेरिफिकेशन के बाद आपकी पूरी डिटेल सामने आ जाएगी — पिछली किस्त की तारीख, राशि, eKYC स्टेटस सब कुछ

अगर स्टेटस में “Pending” या “Failed” दिख रहा है, तो सबसे पहले अपनी eKYC और बैंक खाते से आधार लिंकिंग की जांच करें। कई बार बैंक डिटेल गलत होने या DBT मैपिंग में दिक्कत के कारण पैसा नहीं आता ।

कुछ जरूरी बातें

योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी, लेकिन इसका लाभ 1 दिसंबर 2018 से मिलना शुरू हुआ था। जमीन की मालकियत का कट-ऑफ डेट 1 फरवरी 2019 तय किया गया है, यानी इस तारीख के बाद जमीन खरीदने वाले नए भूमिधारक इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाते (विरासत के मामलों को छोड़कर) ।

इसके अलावा, सरकार ने कुछ संदिग्ध मामलों की पहचान की है जिनमें लाभ रोका गया है। इनमें वे मामले शामिल हैं जहां एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य (जैसे पति-पत्नी दोनों) योजना का लाभ ले रहे हैं। ऐसे मामलों में फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा होने तक लाभ रोका गया है ।

निष्कर्ष

PM-KISAN योजना 2026 में भी किसानों की आय सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ बनी हुई है। 2030 तक इसके विस्तार की मंजूरी यह साफ करती है कि सरकार किसानों की जेब में सीधे पैसा पहुंचाने की अपनी नीति पर कायम है। अगर आप पात्र हैं और अभी तक eKYC नहीं कराया है, तो बिना देर किए इसे पूरा करें और अपनी किस्त का इंतजार करें।

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