नमस्कार दोस्तों उत्तर प्रदेश में पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार UP Gopalak Yojana चला रही है। यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण युवाओं और पशुपालकों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी । अगर आप डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते हैं या अपने मौजूदा कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए मददगार हो सकती है।
2026 में UP Gopalak Yojana के मुख्य लाभ
1. ₹9 लाख तक बैंक कर्ज
योजना के तहत पात्र आवेदकों को डेयरी फार्मिंग और पशुपालन के लिए बैंक से ₹9 लाख तक का कर्ज मिल सकता है । यह कर्ज 10-20 गायों के लिए पशुशाला बनाने और उन्नत नस्ल के पशु खरीदने में सहायता करता है ।
2. ब्याज सब्सिडी – कर्ज लागत में कमी
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत ब्याज राहत है:
- राज्य सरकार 4% ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है ।
- इसके बाद किसानों को कर्ज पर मात्र 3% की प्रभावी ब्याज दर चुकानी पड़ती है ।
पात्रता किसे है? (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें हैं:
- स्थायी निवासी: आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए ।
- न्यूनतम पशु संख्या: आवेदक के पास पहले से कम से कम 5 दुधारू पशु या 10-20 गायें होनी चाहिए ।
- आय सीमा: आवेदक की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए ।
- भूमि की उपलब्धता: पशुओं के रखरखाव के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए ।
- पूर्व कर्ज में डिफॉल्टर नहीं: किसी भी पिछली सरकारी कृषि/पशुपालन कर्ज का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए ।
- प्राथमिकता समूह: SC/ST, महिलाएँ, छोटे/सीमांत किसान और शिक्षित बेरोजगारों को प्राथमिकता दी जाती है ।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
आवेदन करने से पहले ये दस्तावेज तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र / UP Domicile Certificate
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक / खाता विवरण
- जाति प्रमाण पत्र (OBC/SC/ST के लिए)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- डेयरी इकाई की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) – यह बताना होगा कि कितने पशु खरीदे जाएंगे, कितनी लागत आएगी, और कितनी आय की उम्मीद है ।
- अच्छा CIBIL स्कोर (बैंक कर्ज के लिए आवश्यक) ।
आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Process)
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया मुख्यतः ऑफलाइन है ।
- नज़दीकी पशु चिकित्सालय या DPAO कार्यालय जाएँ: अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (DPAO) या जिला पशुपालन विभाग के कार्यालय से संपर्क करें ।
- आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और भरें: वहाँ से आवेदन पत्र लें और व्यक्तिगत जानकारी, पशुशाला का स्थान, और पशुओं की संख्या भरें ।
- DPR तैयार करें: यह बताना होगा कि कर्ज की राशि किस काम आएगी और अनुमानित आय क्या होगी ।
- दस्तावेज़ संलग्न करें: सभी आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियाँ फॉर्म के साथ संलग्न करें ।
- फॉर्म जमा करें: भरा हुआ फॉर्म DPAO कार्यालय में जमा करें ।
- सत्यापन प्रक्रिया: DPAO द्वारा आवेदन की जाँच के बाद, इसे NABARD-लिंक्ड बैंक को भेजा जाता है ।
- फील्ड वेरिफिकेशन: बैंक का अधिकारी किसान के यहाँ जाकर जाँच करता है ।
- कर्ज स्वीकृति: सत्यापन पूरा होने के बाद कर्ज राशि आवेदक के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है ।
अन्य पशुपालन योजनाएँ – एक नज़र में
UP Gopalak Yojana के अलावा, राज्य सरकार पशुपालकों के लिए और भी योजनाएँ चला रही है:
- मुख्यमंत्री सहभागिता योजना – बेसहारा गोवंश का पालन करने पर प्रति गोवंश ₹1,500/माह का अनुदान; एक परिवार 4 पशुओं पर ₹6,000/माह तक DBT के माध्यम से प्राप्त कर सकता है ।
- नंद बाबा दुग्ध मिशन – मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना – अधिक दुग्ध उत्पादन करने वाली स्वदेशी नस्लों (साहिवाल, गिर, थारपारकर, हरियाणा, गंगातीरी) के लिए ₹10,000 से ₹15,000 तक का नकद प्रोत्साहन ।
- पशुपालन सब्सिडी योजना – व्यावसायिक डेयरी इकाई स्थापित करने पर 50% तक की सब्सिडी – उदाहरण: ₹25 लाख की परियोजना पर केवल ₹12.5 लाख स्वयं देना होता है ।
निष्कर्ष
UP Gopalak Yojana 2026 उन किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो डेयरी व्यवसाय में कदम रखना चाहते हैं। ₹9 लाख तक के कर्ज पर सिर्फ 3% ब्याज दर इसे बेहद आकर्षक बनाती है ।अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो अपने नज़दीकी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें या आधिकारिक वेबसाइट animalhusb.upsdc.gov.in पर जानकारी प्राप्त करें ।