नमस्कार दोस्तों उत्तर प्रदेश सरकार और विश्व बैंक ने मिलकर राज्य की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है — UP AGREES (Uttar Pradesh Agriculture Growth and Rural Enterprise Ecosystem Strengthening Project)। यह योजना किसानों, मछुआरों और ग्रामीण उद्यमियों के जीवन में बदलाव लाने के उद्देश्य से काम कर रही है।
क्या है UP AGREES योजना?
UP AGREES एक विश्व बैंक वित्तपोषित परियोजना है, जिसकी कुल अवधि छह वर्ष और अनुमानित बजट लगभग ₹4,000 करोड़ है । इसका मुख्य उद्देश्य कृषि-खाद्य प्रणालियों की जलवायु लचीलापन और व्यावसायीकरण को बढ़ाना है । इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादकता सुधारने और आधुनिक तकनीक को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
2026 तक योजना की उपलब्धियाँ और प्रगति
यह योजना 2026 में पूरी तरह गति में है। बस्ती जिले के विक्रमजोत ब्लॉक में 23 जुलाई 2026 को फसल प्रक्षेत्र भ्रमण आयोजित किया गया, जहाँ अधिकारियों ने किसानों को संतुलित उर्वरक प्रयोग, समय पर निराई-गुड़ाई, और कीट एवं रोगों की निगरानी की सलाह दी । अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया ।
खरीफ 2026 की तैयारी
2026 के खरीफ सीजन के लिए 110.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें 302.62 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य है । सरकार ने 2.29 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 1.26 लाख क्विंटल पहले ही उपलब्ध करा दिया गया है ।
कौन सी फसलें और क्षेत्र शामिल हैं?
यह परियोजना 28 जिलों में लागू की जा रही है, जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के 21 जिले और बुंदेलखंड क्षेत्र के 7 जिले शामिल हैं । 123 कम उत्पादकता वाले ब्लॉक और 3,690 गाँव को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है, जो लगभग 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं ।
मुख्य फसलें
- धान, गेहूँ: न्यूनतम 30% उत्पादकता वृद्धि का लक्ष्य
- मक्का, बाजरा, ज्वार – बढ़ती माँग के अनुसार उत्पादन बढ़ाया जा रहा है
- अरहर, उड़द, मूँगफली, तिल – दलहन और तिलहन पर विशेष जोर
- श्री अन्न (मोटे अनाज) – जलवायु-अनुकूल फसलों को बढ़ावा
परियोजना के चार मुख्य घटक
1. उत्पादकता वृद्धि (Productivity Enhancement)
- गुणवत्तापूर्ण बीजों की समय पर उपलब्धता
- संसाधनों का कुशल उपयोग और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन
- खाद्य सुरक्षा में सुधार
- जलवायु-अनुकूल कृषि (Climate-Smart Agriculture) को बढ़ावा
2. कमोडिटी क्लस्टर (Commodity Clusters)
- छोटे किसानों को उच्च-मूल्य वाली फसलों की मूल्य श्रृंखला से जोड़ना
- उत्पादकों और कृषि-प्रोसेसरों/निर्यातकों के बीच साझेदारी बनाना
- उत्पादों को उद्योग-मानक के अनुसार बेहतर बनाना
3. मत्स्य पालन विकास (Fisheries)
- जलाशयों और तालाबों में मछली उत्पादन बढ़ाना
- 90,000 हेक्टेयर जल क्षेत्र में निवेश
- 1 लाख परिवारों (जलाशय मछुआरे, मछली किसान) को प्रत्यक्ष लाभ
4. डिजिटल और वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र (Digital & Financial Ecosystems)
- UP AGRIVERSE – राज्यव्यापी डिजिटल कृषि पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण
- AI, बड़ा डेटा एनालिटिक्स, IoT, GIS, ड्रोन प्रौद्योगिकी का उपयोग
- किसानों के लिए वित्तीय पहुँच बढ़ाना: KCC का डिजिटलीकरण, ब्लेंडेड फाइनेंस लोन उत्पाद
कृषकों के लिए खास सुविधाएँ
MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) खरीद का विस्तार
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और CM योगी आदित्यनाथ की उच्च-स्तरीय बैठक में रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए गेहूँ, चना और मसूर की MSP खरीद अवधि 8 जुलाई 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया । इससे लाखों किसानों को लाभ होगा और वे अपनी उपज सही मूल्य पर बेच सकेंगे ।
मक्का खरीद अभियान
गेहूँ खरीद के बाद राज्य सरकार ने 26 जिलों में 15 जून से 31 जुलाई 2026 तक ₹2,400 प्रति क्विंटल के MSP पर मक्का खरीद का अभियान शुरू किया है । 150 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं और 25,000 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है ।
किसानों के लिए डिजिटल सुविधाएँ
- ई-उपार्जन पोर्टल – सभी लेन-देन की ऑनलाइन रिकॉर्डिंग
- बायोमेट्रिक सत्यापन – खरीद केंद्रों पर पारदर्शिता
- जीपीएस-सक्षम वाहन – खरीदी गई फसल की ट्रैकिंग
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) – खरीद के 48 घंटे के भीतर आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भुगतान
निष्कर्ष
UP AGREES योजना उत्तर प्रदेश की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित है, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने, आधुनिक तकनीक अपनाने और कृषि-व्यवसाय को बढ़ावा देने का भी काम कर रही है। 2026 में यह योजना पूरी गति से चल रही है — खरीफ सीजन की तैयारियाँ जोरों पर हैं, MSP खरीद का विस्तार किया गया है, और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है।